SALMAN KHAN

भीलवाड़ा। पुलिस शिकंजे में आए आरसीएम संचालक त्रिलोक छाबड़ा ने अपनी करतूतों का काला चिट्ठा खोलते हुए मंगलवार को राजदारों का नाम उगल दिया। लेकिन छाबड़ा बंधुओं के पकड़े जाने के बाद से ही इनमें से आधा दर्जन लोग भूमिगत हो गए हैं। पुलिस उनको पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया है। इनमें एक होटल मालिक की भी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक राजेन्द्रसिंह ने बताया कि चार दिन के रिमांड पर चल रहे त्रिलोकचन्द छाबड़ा, उनके भाई भागचन्द और पुत्र सौरभ से दिनभर कड़ाई से पूछताछ हुई। छाबड़ा बंधुओं की एक्सेस बैंक में ढाई सौ करोड़ की एफडी होने का खुलासा हुआ है। इसी बैंक में उनका लॉकर है, जिसे संभवतया बुधवार को खोला जा सकता है।
आशंका है कि छाबड़ा बंधुओं के शहर के कई और बैंकों में खाते और एफडी हैं। इसे देखते हुए सभी बैंक प्रबंधकों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। उधर, छाबड़ा बंधुओं के खिलाफ हाल ही 6 फरवरी को जयपुर जिले के चौमू थाने में धोखाधड़ी के आधा दर्जन मामले दर्ज हुए हैं। भीलवाड़ा पुलिस इसकी जानकारी मंगा रही है।
करोड़ों का टर्न ओवर, ऋण पर बांटा धन
आरसीएम संचालकों ने सुई से लेकर कम्प्यूटर, लैपटॉप और खाद्य वस्तुओं के अतिरिक्त दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं का विक्रय ही नहीं किया बल्कि कई का उत्पादन भी किया। इससे होने वाली करोड़ों की आय को भीलवाड़ा के कई बड़े औद्योगिक घरानों को ऋण के रूप में दिया। इसकी भी सूची खंगाली जा रही है।
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