U.P ELECTION




‘चढ़ विपक्ष की छाती पर, बटन दबेगा हाथी पर’

लखनऊ
Story Update : Monday, December 19, 2011    2:49 AM
Maya also advocated for the backward Muslims
विधानसभा चुनाव 2012 की तैयारी में जुटीं मुख्यमंत्री मायावती ने अपने सोशल इंजीनियरिंग की धार तेज करने की कवायद शुरू कर दी हैं। रविवार को यहां आयोजित मुसलिम वैश्य क्षत्रिय महासम्मेलन में उन्होंने मुसलिम आरक्षण की वकालत की और उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की स्थिति में उसी अनुपात में ओबीसी का आरक्षण बढ़ाने की भी मांग की। इसके साथ ही बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा है कि पार्टी नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें सपने में भी हाथी पैसा खाते दिखाई दे रहा है।

नारा ‘चढ़ विपक्ष की छाती पर, बटन दबेगा हाथी पर’ दिया
सपा और भाजपा को भी निशाने पर लेते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से विपक्षी दलों के कथित दुष्प्रचार से मुकाबले के लिए नया नारा भी दिया, ‘चढ़ विपक्ष की छाती पर, बटन दबेगा हाथी पर’। यहां रमाबाई अंबेडकर मैदान में आयोजित महासम्मेलन में मुसलिम कार्ड खेलते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उनके राज में मुसलिम न केवल पूरी तरह सुरक्षित रहे, बल्कि सरकार ने उनकी बेहतरी के लिए बड़े फैसले भी लिए हैं। बसपा सरकार ने मथुरा, वाराणसी को दूसरा अयोध्या नहीं बनने दिया और अयोध्या फैसले के वक्त बिना केंद्र के सहयोग के अमन-चैन बनाए रखा।

धार्मिक अल्पसंख्यकों का जीना मुश्किल हो जाएगा
कांग्रेस, सपा और भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी सत्ता में आए तो फिर धार्मिक अल्पसंख्यकों का जीना मुश्किल हो जाएगा। कांग्रेस-भाजपा तो मिलाजुला सांप्रदायिक खेल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि यदि गलती से सपा सत्ता में आई तो पार्टी के गुंडे जनता को चैन से जीने नहीं देंगे। कांग्रेस सत्ता में आई, तो छोटे कारोबारी तबाह होंगे। राहुल गांधी खुद कह रहे हैं कि देश में खुदरा बाजार में विदेशी निवेश का फायदा होगा। अपने सवा घंटे के भाषण में विपक्ष के प्रहारों के जवाब देते हुए कार्यकर्ताओं से चुनाव के दौरान बसपा नेताओं व सरकार के अफसरों के खिलाफ संभावित साजिश से भी सावधान रहने का मुख्यमंत्री ने आह्वान किया।

बसपा ने खेला हाईकोर्ट बेंच का दांव
पश्चिमी यूपी में कांग्रेस-रालोद की दोस्ती के असर को भांपते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार हाईकोर्ट बेंच का दांव खेलते हुए गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी। रमाबाई अंबेडकर मैदान में जिस समय मायावती पहुंची, चौधरी अजित सिंह केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ले रहे थे। उन्हें दोनो दलों के गठबंधन के असर का अहसास है, इसीलिए भाषण में हाईकोर्ट बेंच का जिक्र किया। इस मुद्दे पर पश्चिमी यूपी के वकील आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरठ या आगरा में हाईकोर्ट बेंच के लिए हमने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन केंद्र ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव भी कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने लोगों से कहा कि इन मुद्दों पर चुनाव में केंद्र सरकार को करारा जवाब दें।

रैली फ्लॉप, मुख्यमंत्री बौखलाईं : विपक्ष
विपक्षी दल कांग्रेस, भाजपा और सपा ने एक सुर में बसपा की मुसलमान, वैश्य, क्षत्रिय रैली को फ्लॉप करार देते हुए कहा है कि इसमें सरकारी संसाधनों का जमकर दुरुपयोग किया गया। सत्ता जाने की आशंका से बौखलाकर बसपा मुखिया मायावती विरोधी दलों पर बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं। बसपा का जनाधार तेजी से खिसक रहा है और उनका बढ़ रहा है, इसलिए मायावती ने रैली में विरोधी दलों पर ज्यादा प्रहार किया।

यह बसपा की ही सरकार थी, जिसने मथुरा, वाराणसी को दूसरा अयोध्या नहीं बनने दिया और अयोध्या फैसले के वक्त बिना केंद्र के सहयोग के अमन-चैन बनाए रखा। विपक्षी सत्ता में आए तो फिर धार्मिक अल्पसंख्यकों का जीना मुश्किल हो जाएगा।
-मुख्यमंत्री मायावती
source by amar ujala news

अजित को पाले में लाकर कांग्रेस ने शुरू की मोर्चाबंदीAjith in favor of Congress initially barricaded by
रालोद सुप्रीमो अजित सिंह को पाले में लाते ही कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की सियासी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटों को अभी तक हाथ नहीं लगाने वाली कांग्रेस ने अब क्षेत्र में रालोद की गढ़ माने जाने वाली सीटों पर भी उम्मीदवार खड़ा करने की कसरत को अंजाम देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दे दी गई है।

कांग्रेस अजित सिंह को मनाने में सफल रही
दरअसल, दस जनपथ पर सोमवार को केंद्रीय चुनाव समिति में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिन सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने की चर्चा हुई, उसे लेकर कांग्रेस और रालोद के बीच चुनावी तालमेल के समय काफी विवाद रहा है। यह वही सीटें हैं जिनकी वजह से कई बार तो बात बनते-बनते बिगड़ने लगी थी। मुजफ्फरनगर, मेरठ और बुलंदशहर की इन सीटों को लेकर रालोद और कांग्रेस नेता आमने सामने आ गए थे। लेकिन लंबे दौर की बातचीत के बाद कांग्रेस अजित सिंह को मनाने में सफल रही।

बैठक में लगभग 50 नामों को मंजूरी दी गई
अब कांग्रेस अपनी अगली सूची में रालोद को करीब 46 सीटें देने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बाकी सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक चुनावी तालमेल की बातचीत के दौरान रालोद चाहता था कि कांग्रेस श्यामली और फतेहपुर सीकरी जैसी कई सीटों पर से अपनी दावेदारी को वापस ले ले। लेकिन कांग्रेस ने इससे साफ इंकार कर दिया। श्यामली को लेकर रालोद खेमे में जबरदस्त घमासान है। लेकिन अंत में कांग्रेस ने न सिर्फ अपने उम्मीदवार वापस करने की रालोद की जिद खत्म कर दी बल्कि बाकी विवादित सीटें भी उससे झटक ली। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में लगभग 50 नामों को मंजूरी दी गई है। वहीं, लंबित पड़ी 20 से 22 और नामों को भी हरी झंडी दे दी गई है।
aman ujala


उम्मीदवारविधानसभा क्षेत्रपार्टी
मिथिलेश यादवजसरानाकांग्रेस
अंबरीश पाल सिंहअमनपुरकांग्रेस
श्रीमती. उर्मिला सिंहकरहलकांग्रेस
फखरे अहमदबदायूंकांग्रेस
भगवान सिंह शाक्यशेखुपरकांग्रेस
हुलसीराम राजपूतमीरगंजकांग्रेस
राम स्नेही सागरफरीदपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
सयैद जकी अशर्फीपीलीभीतकांग्रेस
वी एम सिंहबरखेराकांग्रेस
सुखलालपूरनपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
देव स्वरूप पटेलबिसालपुरकांग्रेस
वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्नाकटराकांग्रेस
श्रीमती. सुनीता कोविद सिंहतिलहरकांग्रेस
चेत रामपोवायन (सुरक्षित)कांग्रेस
विनोद तिवारीपलियाकांग्रेस
मायावती उर्फ माया प्रसादश्री नगरकांग्रेस
ओमेंद्र वर्मासांडी (सुरक्षित)कांग्रेस
बेगम इशरत रसूलसांडिलाकांग्रेस
चौधरी अशोक सिंह (बेबी)बांगेरमऊकांग्रेस
मनीष कुरीलसफीपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
राम खिलावन पासीमोहन (सुरक्षित)कांग्रेस
डॉ एम एच खानपूरवाकांग्रेस
मो. मुस्लिमतिलोईकांग्रेस
अजय यादवजसवंत नगरकांग्रेस
मथुरा प्रसाद पालअकबरपुर-रानियाकांग्रेस
लालमन सिंह बंजारासिकंदराकांग्रेस
नीतम सच्चनभोगनीपुरकांग्रेस
अभिजीत सिंहबिथूरकांग्रेस
संजीव दरयाबदीसीशमऊकांग्रेस
अब्दुल मन्ननकानपुर कैंटकांग्रेस
डॉ बाबू रामदीन अहीरवारऔराई (सुरक्षित)कांग्रेस
रमेश खातिकमेहरौनी (सुरक्षित)कांग्रेस
केशव बाबू शिवहरेहमीरपुरकांग्रेस
अरीमर्धन सिंहमहोबाकांग्रेस
महेंद्र वर्मानारायणी (सुरक्षित)कांग्रेस
सुरेंद्र सिंह गौतमअयाह शाहकांग्रेस
राकेश कुमार वर्मादरियाबादकांग्रेस
भोलानाथ भारतीमिल्कीपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
जयराम विमलअलापुर (सुरक्षित)कांग्रेस
अली अकबरमटेराकांग्रेस
आशिक अलीउतरौलाकांग्रेस
शिवलालबलरामपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
वीरेंद्र चौधरीफरेंदाकांग्रेस
तलत अजीजपनियाराकांग्रेस
काजल निशादगोरखपुर देहातकांग्रेस
राजनारायण पासवानखजानीकांग्रेस
राजेश जयसवालपदरौनाकांग्रेस
शशि शर्माफैजल नगरकांग्रेस
जगदम्बा प्रसाद सिंहकुशीनगरकांग्रेस
रामआसरेहताकांग्रेस
रामानंद बौद्धरामकौला (सुरक्षित)कांग्रेस
अखिलेश प्रताप सिंहरूद्रपुरकांग्रेस
राम अधर रामसलेमपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
विभूति प्रसाद निशादअतरौलियाकांग्रेस
सुरंगरी गौतममेहनगर (सुरक्षित)कांग्रेस
उत्पल कुमार रायमधुबनकांग्रेस
विवेक सिंह राजाबदलापुरकांग्रेस
मो. नदीम जावेदजौनपुरकांग्रेस
राजेश गौतमकेराकत (सुरक्षित)कांग्रेस
शैलेंद्र कुमार सिंहसैय्यदराजाकांग्रेस
अजय कुमार उपाध्यायमझावनकांग्रेस
अरुण कुमार सिंहघोरावलकांग्रेस
पंकज मलिकशामलीकांग्रेस
फूल सिंह चौधरीनगीना (सुरक्षित)कांग्रेस
संजय कपूरबिलासपुरकांग्रेस
गोपाल कालीहस्तिनापुर (सुरक्षित)कांग्रेस
यूसुफ कुरैशीमेरठकांग्रेस
सुरेंद्र प्रकाश गोयलगाजियाबादकांग्रेस
दिल नवाज खानस्यानाकांग्रेस
बंसी सिंह पहाड़ियाखुर्जा (सुरक्षित)कांग्रेस
ब्रिजेंद्र सिंहअतरौलीकांग्रेस
विवेक बंसलकोएलकांग्रेस
प्रदीप माथुरमथुराकांग्रेस
उपेंद्र सिंहआगरा देहात (सुरक्षित)कांग्रेस
राज कुमार चाहरफतेहपुरकांग्रेस
मिथिलेश यादवजसरानाकांग्रेस
शैलेश पाठक उर्फ गुड्डु भैयादातागंजकांग्रेस
भुजेंद्र गंगवारनवाबगंजकांग्रेस
सुप्रिया आरोनबरेली कैंटकांग्रेस
अरविंद गिरिगोला गोकरननाथकांग्रेस
बंसीधर राजकास्ता (सुरक्षित)कांग्रेस
अशफाकउल्ला खानमोहम्मदीकांग्रेस
विजय शंकर मिश्रामिसरिख (सुरक्षित)कांग्रेस
ओम प्रकाश रावतबिस्वानकांग्रेस
सर्वेश कुमारगोपामऊ (सुरक्षित)कांग्रेस
ओमेंद्र वर्मासांडी (सुरक्षित)कांग्रेस
विशम्भर दयालबालामऊ (सुरक्षित)कांग्रेस
श्याम किशोर शुक्लालखनऊ पश्चिमकांग्रेस
डॉ. रीता बहुगुणा जोशीलखनऊ कैंटकांग्रेस
राजा राम त्यागीबच्चरावन (सुरक्षित)कांग्रेस
शिवगणेश लोधीहरचंदपुरकांग्रेस
शिव बालक पासीसालोन (सुरक्षित)कांग्रेस
अशोक सिंहसरेनीकांग्रेस
अजय पाल सिंहऊंचाहारकांग्रेस
राम सेवकजगदीशपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
अमिता सिंहअमेठीकांग्रेस
राजेश गौतमकादीपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
लुईस खुर्शीदफरुखाबादकांग्रेस
विनोद यादव कक्काबिधुनाकांग्रेस
अजय कपूरकिदवई नगरकांग्रेस
विनोद चतुर्वेदीमधुगढ़कांग्रेस
बिहारी लाल आर्यामौरानीपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
रंजीत सिंह जूडियोगरौथाकांग्रेस
दलजीत सिंहतिंडवाड़ीकांग्रेस
महेंद्र वर्मानारायणी (सुरक्षित)कांग्रेस
विवेक सिंहबांदाकांग्रेस
संपत पालमानिकपुरकांग्रेस
ऊषा मौर्याहुसैनगंजकांग्रेस
प्रमोद तिवारीरामपुर खासकांग्रेस
सुरेश भारतीबाबागंज (सुरक्षित)कांग्रेस
अनिल प्रताप सिंहबिश्वनाथगंजकांग्रेस
श्याम उपाध्यायप्रतापपुरकांग्रेस
अनुग्रह नारायण सिंहइलाहाबाद उत्तरकांग्रेस
जीतेंद्र नाथ सिंहइलाहाबाद दक्षिणकांग्रेस
बैजनाथ रावतजैदपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
अमित जयसवालअकबरपुरकांग्रेस
देवेश चंद्र मिश्रामहासीकांग्रेस
मो. असलम रैनीभींगाकांग्रेस
फिदा मो. खानगैनसारीकांग्रेस
शिव लालबलरामपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
चौधरी रवींद्र सिंहशोहरतगढ़कांग्रेस
ईश्वर चंद्र शुक्लाबांसीकांग्रेस
काजी सुहैल अहमदडुमरियागंजकांग्रेस
राणा कृष्ण किंकर सिंहकप्तानगंजकांग्रेस
संजय प्रताप जयसवालरुधौलीकांग्रेस
चंद्र प्रकाश कन्नौजियामेहदेवा (सुरक्षित)कांग्रेस
आलोक प्रसादमहाराजगंज (सुरक्षित)कांग्रेस
माधव पासवानचौरी-चौराकांग्रेस
निर्मला देवीबांसगांवकांग्रेस
विजय दुबेखड्डाकांग्रेस
जयप्रकाश जयसवालदेवरियाकांग्रेस
अब्दुस सलाममुबारकपुरकांग्रेस
अजय नरेश यादवफूलपुर-पवईकांग्रेस
बलिहारी बाबूलालगंज (सुरक्षित)कांग्रेस
बब्बन राजभररसाराकांग्रेस
राजधारी सिंहसिकंदरपुरकांग्रेस
बच्चा पाठकबांसदीहकांग्रेस
राजेश गौतमकेराकट (सुरक्षित)कांग्रेस
अजय रायपिंडराकांग्रेस
भगवती प्रसाद चौधरीछानबे (सुरक्षित)कांग्रेस
राजेंद्र सिंह लोदीफतेहपुरकांग्रेस
आलोक कैथलखागाकांग्रेस
मोहम्मद फरीद खानसिराथूकांग्रेस
विजय प्रकाशपासी चैलकांग्रेस
शेखर बहुगुणाफाफामऊकांग्रेस
सर्वेश चंद तिवारमेजाकांग्रेस
राजेंद्र त्रिपाठीहांडियाकांग्रेस
मंजू संतबाड़ा (सुरक्षित)कांग्रेस
कन्हैया लाल कौलकुराओं (सुरक्षित)कांग्रेस
आर के चौधरीहैदरगढ़ (सुरक्षित)कांग्रेस
राजेंद्र प्रताप सिंहअयोध्याकांग्रेस
सीताराम निषादगौसाईंगजकांग्रेस
अमित वर्माकटहरीकांग्रेस
दलीप वर्मानानपाराकांग्रेस
चंद्र शेखर सिंह आजादबहराइचकांग्रेस
सय्यूब अलीकैसरगंजकांग्रेस
कमलेश कुमार सिंहतुलसीपुरकांग्रेस
रघुराज प्रसाद उपाध्यायगोंडाकांग्रेस
दीप नारायण पांडेकटरा बाजारकांग्रेस
अभिषेक पालबस्ती सदरकांग्रेस
जय सिंहसिस्वाकांग्रेस
राज्यवर्धन सिंहकैंपियारगंजकांग्रेस
निर्मल पासवानपिपपाइचकांग्रेस
विश्व विजय सिंहसहजनवाकांग्रेस
श्याम लाल यादवचिल्लूपुरकांग्रेस
अजय कुमार लल्लूतमकुहिराजकांग्रेस
नियाज अहमद खानपाथरदेवाकांग्रेस
आनंद यादवरामपुर कारखानाकांग्रेस
वृंदा कुशवाहाभाटपर रानीकांग्रेस
वीरेंद्र चौधरीबरहाजकांग्रेस
दिनेश यादवगोपालपुरकांग्रेस
हेमबाला यादवनिजामाबादकांग्रेस
नागेंद्र पांडेबल्लिया नगरकांग्रेस
राजीव किरनसैदरपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
सतीश बिंदमुगलसरायकांग्रेस
दयाशंकर मिश्रावाराणसी साउथकांग्रेस
अनिल श्रीवास्तववाराणसी कैंटकांग्रेस
ललितेश त्रिपाठीमरिहालकांग्रेस
हरिशंकर यादवसिरसागंजकांग्रेस
सैय्यद मुस्तफा शेरवानीकासगंजकांग्रेस
शीशपाल सिंह यादवएटाकांग्रेस
अनार सिंह धोबीजलेसर (सुरक्षित)कांग्रेस
बृजेश कुमार यादवभोगांवकांग्रेस
राम सिंह जाटवकिशनी (सुरक्षित)कांग्रेस
अजीत कुमार यादवगुन्नऊकांग्रेस
राजा राम कोरीबिसौली (सुरक्षित)कांग्रेस
योगेंद्र कुमार बाबूसहसवानकांग्रेस
बृजपाल सिंह शाक्यबिल्सीकांग्रेस
सलीम अख्तरबहेड़ीकांग्रेस
योगेश पटेलभोजीपुराकांग्रेस
अलाउद्दीन खानबिठेरी चैनपुरकांग्रेस
अनिल वर्माजलालाबादकांग्रेस
कौशल कुमार मिश्रादादरौलकांग्रेस
मोहनचंद उप्रेतीनिगहसरकांग्रेस
समर प्रताप सिंहदोरहराकांग्रेस
राघवेंद्र प्रताप सिंहलखीमपुरकांग्रेस
गया प्रसाद मिश्रामोहालीकांग्रेस
मंजरि राहीहरगांव (सुरक्षित)कांग्रेस
अनिल वर्मालहरपुरकांग्रेस
श्यामा लाल रावतसिधौली (सुरक्षित)कांग्रेस
धर्मज्ञ मिश्राबिलग्रामकांग्रेस
मलानवान मिश्रालखनऊ ईस्टकांग्रेस
फाखिर सिद्दीकीलखनऊ सेंट्रलकांग्रेस
राम शिरोमणि वर्मालंभुआकांग्रेस
राम सेवक सिंह यादवभोजपुरकांग्रेस
दिगंबर सिंहतिरवाकांग्रेस
छोटे सिंह यादवछिबडा़मऊकांग्रेस
विश्राम सिंह कटेरियाकन्नौज (सुरक्षित)कांग्रेस
राजेश्वरी जाटवभरथना (सुरक्षित)कांग्रेस
राम दर्शन केठेरियाऔरेया (सुरक्षित)कांग्रेस
ओम प्रकाशन कठेरियारसूलाबाद (सुरक्षित)कांग्रेस
देवी प्रसाद तिवारीकल्याणपुरकांग्रेस
नंद कुमार सोनकरघाटमपुर (सुरक्षित)कांग्रेस
बृजेंद्र व्यासझांसी नगरकांग्रेस
गयादीन अनुरागीराठ (सुरक्षित)कांग्रेस
रामजीवा दद्दाचरखेरीकांग्रेस
शिवशंकर पटेलबबेरूकांग्रेस
बंदना शुक्लाझानाबादकांग्रेस

SOURCE BY IBN KHABAR.COM


विरोधियों के हमले से बीएसपी का ही फायदा होगा: माया



लखनऊ। अंबेडकर जयंती के मौके पर आज उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष के पास बीएसपी के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है। माया ने कहा कि जब जब बीएसपी पर हमला किया गया है तब तब पार्टी मजबूती के साथ ऊपर आई। इस मौके पर यूपी की मुख्यमंत्री मायावती ने विरोधियों पर जोरदार धावा बोला। मायावती ने विरोध करने वालों को जातिवादी मानसिकता का बताया और कहा कि यूपी के बाद अब केंद्र में सरकार बनानी है।
इस मौके पर मायावती ने तमाम विकास योजनाओं का ऐलान भी किया। उन्होंने सरकार और पार्टी पर लग रहे आरोपों का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने आह्वान किया कि यूपी के बाद अब केंद्र में भी बीएसपी की सरकार बनाने के लिये जुटना होगा।
विरोधियों के हमले से बीएसपी का ही फायदा होगा: माया
मायावती के इस बयान के बाद यूपी में सियासी माहौल और गरमा गया है। विरोधी दल एक बार फिर मायावती सरकार को घेरने में जुट गये हैं। चुनाव करीब आ चुके हैं और यूपी सरकार भ्रष्टाचार से लेकर कानून व्यवस्था जैसे मसलों पर चौतरफा घिरी नजर आ रही है। ऐसे में बाबा साहेब की पुण्यतिथि के बहाने बीएसपी सुप्रीमो ने ना सिर्फ विरोधियों के हमले का जवाब दिया बल्कि उन पर पलट कर हमला भी बोला।

चाहता हूं आज ही प्रधानमंत्री बन जाएं राहुल: बेनी



लखनऊ। कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी पार्टी का युवा चेहरा हैं, अगले लोकसभा चुनाव में वो ही प्रधानमंत्री के दावेदार हों, इसमें भी संदेह नहीं। इसी कोशिश में लगी कांग्रेसियों की फौज यदा कदा राहुल के कसीदे पढ़ने में कमी नहीं छोड़ रहे हैं। बात करें केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की तो ये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बेहद ईमानदार और अच्छा इन्सान मानते हैं लेकिन चाहते हैं कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी आज ही प्रधानमंत्री बन जायें।
बेनी ने आज पत्रकारों से कहा कि राहुल गांधी देश का भविष्य हैं। उन्हें प्रधानमंत्री तो बनना ही है लेकिन मैं चाहता हूं कि राहुल आज ही प्रधानमंत्री बन जायें। उनसे जब पूछा गया कि क्या आप डॉ. सिंह के काम से संतुष्ट नहीं हैं तो उन्होंने थोड़ा संभलते हुये कहा कि डॉ. सिंह ईमानदार और अच्छे इन्सान हैं। इसके बावजूद वह चाहते हैं कि राहुल गांधी आज ही प्रधानमंत्री बन जायें।
चाहता हूं आज ही प्रधानमंत्री बन जाएं राहुल: बेनी



लोकायुक्त के निशाने पर आए माया के करीबी नसीमुद्दीन


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कद्दावर मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। लोकायुक्त ने सिद्दीकी के खिलाफ शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी मायावती के बेहद करीबी है और उनपर रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने, अवैध तरीके से धन कमाने और जमीन हड़पने के आरोप है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा में मुस्लिम चेहरा होने के साथ मायावती के वफादार भी हैं। बताया जाता है कि पोर्टपोलियो के आधार पर सिद्दीकी उत्तर प्रदेश में डिप्टी सीएम की हैसियत रखते हैं। राज्य में सिद्दीकी के कंधों पर आबकारी, लोक निर्माण, सिंचाई, आवास, शहरी नियोजन, गन्ना विकास, चीनी उद्योग सहित 18 मंत्रालय की जिम्मेदारी है। ऐसे में मंत्री के ऊपर लगे संगीन आरोप यदि सही साबित हो जाते हैं तो राज्य में माया सरकार मुसीबत में आ सकती है।
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