उन्नाव।
सेंसेक्स का उतार चढ़ाव जिले में कई हजार ऐसे लोगों को लाखों का फायदा या
नुकसान करवा रहा है जिन्होंने कभी शेयर खरीदे ही नहीं है। जिले के
सट्टेबाजों के निशाने पर सेंसेक्स और निफ्टी के अलावा विदेशी शेयर बाजार भी
शामिल हैं। आपको सिर्फ सेंसेक्स कितने पर रुकेगा उस अंक का अंदाज लगा कर
रुपए लगाना है। यदि आपका अंक आ गया तो एक रुपया के एवज में आठ रुपए
मिलेंगे। रोजाना एक करोड़ से अधिक के सट्टा बाजार के बारे में पुलिस जानबूझ
कर अनजान बनी हुई है।
क्रिकेट का बुखार कम होने पर यह सट्टेबाज
सेंसेक्स, निफ्टी, नास्डाक सहित सभी विदेशी शेयर बाजारों के संवेदी सूचकांक
पर दांव लगवा रहे हैं। संवेदी सूचकांक पर दांव लगाने वाले को अंतिम नंबर
मिलने पर एक रुपया पर आठ रुपए, अंतिम दो नंबर मिलने पर अस्सी रुपए, और तीन
नंबर मिलने पर आठ सौ रुपए मिलतेे हैं। दांव लगाने वालेे को सिर्फ सट्टेबाज
या उसके एजेंट को फोन करना होता है। एजेंट उसके पास पहुंच कर रुपए लेने के
साथ ही मोबाइल पर नंबर और एमाउंट नोट करवा देता है वहां से मिला कोड नंबर
ग्राहक को दे दिया जाता है। सट्टेबाजी का यह धंधा शहर के सब्जी मंडी, बस
स्टाप, धवन रोड, आढ़त मंडी, कंजी, तकी नगर, तालिब सराय, छिपियाना चौराहा,
छोटा चौराहा, ककरहा बाग, सहित करीब दो दर्जन मोहल्लों में खुले आम चल रहा
है।
सपा नगर उपाध्यक्ष मो. आसिम ने बताया कि इस समस्या को समाप्त करने
के लिए वह एसपी जे रवींदर गौड़ से मिले थे। एसपी ने भी शहर में बढ़ती
सट्टेबाजी की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए इसे समाप्त कराने का आश्वासन
दिया था।
सट्टेबाजी से जुड़े एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया
कि सिपाही चौकी से लेकर थानों तक के रेट तय हैं हर माह उनका हिस्सा जो कि
एक हजार से लेकर बीस हजार तक होता है पहुंचा दिया जाता है। एजेंट ने बताया
कि जिले के तार कानपुर, लखनऊ, दिल्ली और मुंबई के बड़े माफियाओं से जुड़े
हैं यदि कोई व्यक्ति बड़ी रकम दांव पर लगाता है तो यहां के सट्टा मालिक
इसकी जानकारी महानगरों में बैठे अपने आकाओं को तुरंत देते हैं। बताया कि
एजेंट शहर में पान की दुकान, चाय, कोल्ड ड्रिंक के होटलाें और परचून की
दुकानों पर हमेशा उपलब्ध रहते हैं। रविवार शेयर बाजार बंद रहने पर संवेदी
सूचकांक पर सट्टा नहीं लगता है।
कोतवाल कृपाशंकर सरोज ने बताया कि
सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। बताया कि
सट्टेबाजों का कोई अड्डा नहीं होता है यह कहीं भी चाय पान की दुकान, चौराहे
या सड़क पर खड़े होकर मोबाइल से सौदा तय करते हैं इसलिए इन्हें पकड़ने में
मुश्किलेें आ रही हैं। बताया कि तीन दिन पहले चार सट्टेबाजों को गिरफ्तार
किया गया है उनसे शहर के अन्य सट्टेबाजों के बारे में पता किया जा रहा है
जल्द ही अभियान चला कर बड़े खिलाड़ियों को भी पकड़ा जाएगा।
सपा नगर उपाध्यक्ष मो. आसिम ने बताया कि इस समस्या को समाप्त करने के लिए वह एसपी जे रवींदर गौड़ से मिले थे। एसपी ने भी शहर में बढ़ती सट्टेबाजी की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए इसे समाप्त कराने का आश्वासन दिया था।
सट्टेबाजी से जुड़े एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सिपाही चौकी से लेकर थानों तक के रेट तय हैं हर माह उनका हिस्सा जो कि एक हजार से लेकर बीस हजार तक होता है पहुंचा दिया जाता है। एजेंट ने बताया कि जिले के तार कानपुर, लखनऊ, दिल्ली और मुंबई के बड़े माफियाओं से जुड़े हैं यदि कोई व्यक्ति बड़ी रकम दांव पर लगाता है तो यहां के सट्टा मालिक इसकी जानकारी महानगरों में बैठे अपने आकाओं को तुरंत देते हैं। बताया कि एजेंट शहर में पान की दुकान, चाय, कोल्ड ड्रिंक के होटलाें और परचून की दुकानों पर हमेशा उपलब्ध रहते हैं। रविवार शेयर बाजार बंद रहने पर संवेदी सूचकांक पर सट्टा नहीं लगता है।
कोतवाल कृपाशंकर सरोज ने बताया कि सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। बताया कि सट्टेबाजों का कोई अड्डा नहीं होता है यह कहीं भी चाय पान की दुकान, चौराहे या सड़क पर खड़े होकर मोबाइल से सौदा तय करते हैं इसलिए इन्हें पकड़ने में मुश्किलेें आ रही हैं। बताया कि तीन दिन पहले चार सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया है उनसे शहर के अन्य सट्टेबाजों के बारे में पता किया जा रहा है जल्द ही अभियान चला कर बड़े खिलाड़ियों को भी पकड़ा जाएगा।
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