Tuesday, 23 October 2012

पाकिस्तान पर ओबामा और रोमनी की एक राय


salman khan 
source by bbc hindi 
राष्ट्रपति चुनाव से पहले ओबामा और रोमनी के बीच यह तीसरी बहस थी
राष्ट्रपति ओबामा और मिट रोमनी के बीच हुई तीसरी बहस से पहले राजनीतिक रणनीतिकारों ने दोनों को सलाह दी थी कि वह पाकिस्तान पर अपना ध्यान केंद्रित करें क्योंकि उनके अनुसार आने वाले दिनों में पाकिस्तान अमरीकी विदेश नीति का सबसे बड़ा मुद्दा होगा.
पाकिस्तान का नंबर काफी बाद में आया. सबसे पहले ओबामा ने रोमनी पर हमला बोलते हुए 2007 में दिए गए उस वकतव्य की आलोचना की जिसमें उन्होंने सवाल पूछा था कि अमरीका को मात्र एक आदमी को ढ़ूढ़ने के लिए किसने प्रयास करने चाहिए.

ओबामा का कहना था कि उस आदमी को पाने के लिए वास्तव में ज़मीन आसमान एक करने की ज़रूरत थी और ऐसा हमने किया भी. अगर हमने पाकिस्तान की अनुमति ली होती तो हम ओसामा के कभी भी नहीं पा पाते.उन्होंने कहा, ’आपने कहा था कि हमें एक आदमी के पाने के लिए ज़मीन आसमान एक नहीं कर देना चाहिए. और आपने यह भी कहा था कि हमें उसे पाकिस्तान में ढ़ूढ़ने से पहले पाकिस्तान की अनुमति लेनी चाहिए.’
दोनों प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को अमरीकी विदेश नीति से दरकिनार किए जाने के पक्ष में नहीं थे.रोमनी ने पाकिस्तान पर बिना लाग लपेट के टिपण्णी करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान असफल होता है कि तो यह अफ़गानिस्तान के लिए बहुत बड़ा खतरा होगा. वह पाकिस्तान की सही दिशा में चलने में मदद करेंगे.

ड्रोन हमलों पर एक राय

उनका कहना था कि पाकिस्तान को उसके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता खासतौर से जब उस देश के पास सौ से अधिक परमाणु हथियार हों और जहाँ सेना और आईएस आई की ही चलती हो.
रोमनी ने यह भी कहा कि तकनीकी रूप से पाकिस्तान एक सहयोगी देश है जो सहयोगी देश की तरह काम नहीं कर रहा है. संचालक ने जब दोनों लोगों से सीधा सवाल पूछा कि पाकिस्तान में ड्रोन हमलों के बारे में वह क्या सोचते हैं तो रोमनी का कहना था कि वह उसका पूरी तरह से समर्थन करते हैं और अगर वह राष्ट्रपति बन भी जाते हैं तब भी उसका प्रयोग जारी रखेंगे.

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