source by bbcnews.com
एक नये शोध से पता चला है कि 'सेक्स एडिक्शन' यानी सेक्स की लत एक तरह की मानसिक विकृति है जो स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक है ही, करियर के साथ-साथ रिश्तों को भी तबाह कर सकती है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि सेक्स के मामले में खुद पर काबू नहीं रख पाने वाले लोग अपनी और दूसरों की ज़िंदगी बर्बाद कर देते हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक इसे सही मायने में मानसिक असंतुलन मानने से हिचकते रहे हैं.
'डेली मेल' और 'टोरोंटो सन' अखबारों में छपी एक खबर के मुताबिक, शोधकर्ता इसके लक्षण बताते हुए कहते हैं कि इससे पीड़ित व्यक्ति 'सेक्स-फैंटेसी' में खोया रहता है और ये व्यवहार यदि छह महीने तक जारी रहता है तो ये 'सेक्स एडिक्शन' है.पर अब कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक दल ने इस विकृति को एक मानसिक दशा के तौर पर परिभाषित किया है.
शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि इससे पीड़ित व्यक्ति यदि खुद को परेशान या अवसादग्रस्त महसूस करता है तो तनाव से निज़ात पाने के लिए बार-बार सेक्स करता है.
कुछ नामी-गिरामी मरीज
टाइगर वूड्स भी सेक्स-एडिक्शन के शिकार हो गए थे.
"इस शोध से उन लोगों के उपचार में मदद मिलेगी जिन्हें सेक्स की लत लग गई है."
प्रोफेसर रॉरी रीड
'सेक्स एडिक्शन' के शिकार लोगों में मशहूर गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वूड्स, हॉलीवुड स्टार माइकल डगलस और रसेल ब्रांड जैसे नाम शुमार हैं.
टाइगर वुड्स ने तो इसके लिए वर्ष 2010 में माफी तक मांगी थी. 'सेक्स एडिक्शन' से उबरने के लिए उन्होंने छह हफ्ते तक अपना इलाज भी कराया था.
रसेल ब्रांड ने भी माना कि उन्हें 'सेक्स एडिक्शन' था. वहीं माइकल डगलस इस लत से निज़ात पाने के लिए ऐरिजोना के एक क्लिनिक में भर्ती हुए थे.
शोध से जुड़े प्रोफेसर रॉरी रीड कहते हैं, ''इस शोध से उन लोगों के उपचार में मदद मिलेगी जिन्हें सेक्स की लत लग गई है.''
वे कहते हैं कि इसकी वजह से मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, साथ ही रिश्तों में और जीवन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी असर पड़ता है.
शोधकर्ताओं ने इस नतीज़े पर पहुंचने के लिए मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती 207 मरीजों का अध्ययन किया.
ये सभी वो मरीज थे जो अपने बेकाबू सेक्स व्यवहार या अवसाद जैसी मानसिक बीमारियों से ग्रसित थे.
इस शोध के नतीज़े 'जर्नल ऑफ सैक्सुअल मेडिसिन' में प्रकाशित हुए हैं.
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